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Sunday, June 25, 2017

No GST for Petrol Diesel

મોદી સરકાર ડિઝલ અને પેટ્રોલ પર કેમ  GST માં લાવતી નથી ?
આપ જાણો છો ?
ના, તો જાણો
કારણ કે હાલ. આ બંન્ને પર કેન્દ્ર નો ૨૩% અને રાજયનો ૩૪% અેટલે કુલ મળી ને ૫૭% ટેક્ષ બંને સરકારો આપણી પાસેથી લે છે
જો આના પર  GST લગાડે તો  વધુ માં વધુ ૨૮% જ ટેક્ષ લઈ શકે તેનાથી વધુ લઈ જ  ના શકે !
જો આમ થાય તો હાલ આપણ ને મળતુ પેટ્રોલ   ૪૩ રુપીયે મોદી સરકાર ને આપણ ને આપવુ પડે .            
જયારે  ડિઝલ ફકત ૩૫ રુપિયે  આપવુ પડે
જો સરકાર પોતાની જાહેરાતો માં બુમો પાડી પાડી નેઅેમ કહે છે કે
"One Nation One Tax"

તો કેમ મોદી સરકાર  GST લાવ્યા પછી પણ અેક માળખાકીય ટેક્ષ
કરી માથી આને બાકાત રાખે છે?
  જો માદી સરકાર GST માં કતલખાના ના મિટ ને ટેક્ષ ફિ કરી.શકતી હોય તો
ભલે  પેટોલ - ડિઝલ ને ટેક્ષ ફિ જાહેર ના કરે પણ નિયમ ,પમાણે ૨૮%   GST લગાડવાનુ કામ કેમ નથી કરતી
આ અેક અન્યાયી અને કુદરતી ન્યાય ના સિધ્ધાંત ની વિરુધ નો છે જેનાથીે આ દેશના ગરીબ અને મધ્યમ વર્ગ ના કરોડો  લોકો ને અન્યાય કરતા છે
જો આપ મારી આ વાત થી સહમત હોય તો આપોસ્ટ  બીજા ગૃપમાં  Send કરશો.
GST रेट दुनिया भर में

ऑस्ट्रेलिया ----10%
बहरीन ----- -----5%
कनाडा ---- -----15%
चीन --------------17%
जापान --- -------8%
कोरिया --- ------10%
कुवैत------ -----5%
मलेशिया --- ----6%
मारिसस--- -----15%
मेक्सिको --- ----16%
म्यामार ----------3%
न्यूजीलैंड--- ----15%
फिलीपीन्स-- ---12%
राशियांन्( fed)-18%
सिंगापुर-------- 7%
साउथ अफ्रीका-14%
थाईलैंड ------ ---7%
UAE -------------5%
अमेरिका(usa).7.5%
वियतनाम ------10%
जिम्बाबे ---- ----15%
महान भारत ------ ----- >18% से 28 % तक
जिसमें से पट्रोल को बाहर राख्खा गया है क्यों कि इसपे पहले से 33% लूट की जा रही है GST में शामिल कर क्यों सरकार 5 % अपनी आमदनी कम करे ?
(विशेष - कांग्रेस सरकार अधिकातम् 18 % टेक्स पे GST ला रही थी जिसका बीजेपी ने भरपूर विरोध कर  5 साल रोके राख्खा ताकि 28% कि लूट कर सके )
आंखे खोलों.... मोदी भक्त नही देशभक्त बनो...   
            एक सिलेंडर की कीमत 680 रुपये, इंडियन आयल से बैंक में वापस जमा - 159 रूपये,
यानी, 680 - 159= 521 रूपये।
इसके पहले हमें सिलेंडर मिलता था 418 रूपये में,
मतलब कुल 97 रूपये का  नुकसान।
अब पता ये लगाना है की मेरे द्वारा जमा पैसा ही मुझे वापस मिला। तो फिर सब्सिडी का पैसा कहाँ गया, बल्कि पहले से ज्यादा पैसे मुझे देने पड़े।
ये कौन सा गणित है...? पूरा देश सोच रहा है की उसे सब्सिडी का पैसा मिल रहा है, पर जनाब ये तो हमारा पैसा ही हमें मिल रहा है।
मुद्दा नम्बर :-02
देश में पेट्रोल की कीमत कैसे तय होती है, उसका पूरा प्रोसेस इस प्रकार है :-
कच्चे तेल की वर्तमान कीमत = 50 डॉलर प्रति बेरेल।
(जहाँ,  $1 = 63/-
और 1 बेरेल = 159 लीटर )
यानी, $50 = Rs.3150/-
1 लीटर कच्चा तेल भारत खरीदता है (3150/159) =19.80 रुपयों में।
1 लीटर पेट्रोल बनाने के लिए लगने वाला कच्चा तेल - 
0.96 लीटर @19.80/- = 19.00/-
अब कच्चे तेल में से एक लीटर पेट्रोल बनाने की फिक्स्ड कीमत होती है 6 रूपये (ट्रांसपोर्टेशन मिलाकर)।
यानी, 19.00 रूपये + फिक्स्ड कीमत, 6 रूपये = 25.00 रूपये में एक लिटर पेट्रोल बनता है।
अब उसमे केंद्र सरकार का टेक्स लगता है, 25% यानी 6 रूपये।
यानी 25 + 6 = 31 रूपये।
और उपर से फिर राज्य सरकार के टेक्स जैसे VAT,
जिसे हम एवरेज 15% गिने तो होते है 5 रूपये यानी कुल मिलाकर होते है 36 रूपये।
और आखिर में पेट्रोल पंप डीलरों को पर लीटर 90 पैसे कमिशन दिया जाता है तो होते है कुल 37 रूपये।
लेकिन फिर भी आज हमे 72rs/- प्रति लीटर में पेट्रोल मिल रहा है॥
कृपया कड़ी मेहनत से प्राप्त हुई ये जानकारी देश के हर एक नागरिक तक पहुँचाने की कोशिश करे ।
शान है या छलावा...।
पूरे  भारत  में एक ही  जगह ऐसी  है  जहाँ खाने  की चीजें  सबसे सस्ती है ।
चाय = 1.00
सुप = 5.50
दाल= 1.50
खाना =2.00
चपाती  =1.00
चिकन= 24.50
डोसा = 4.00
बिरयानी=8.00
मच्छी= 13.00
ये  सब चीजें  सिर्फ  गरीबों के  लिए  है  और ये सब Available है  Indian Parliament Canteen में।
और  उन  गरीबों की  पगार है  80,000 रूपये  महीना वो  भी  बिना income tax के ।
आपके Mobile में जितने  भी  नम्बर save है  सबको forward करें ताकि  सबको  पता  चले …
कि यही कारण  है  कि  इन्हें लगता है  कि जो  आदमी  30 या 32 रूपये  रोज  कमाता है  वो गरीब  नहीं हैं।