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Tuesday, June 27, 2017

India Against Everything

मोदी जी,  6० साल-6०साल मत चिल्लाया करो  देश व जनता को उल्लू मत समझो
मोदी जी
आप उस देश के प्रधान मंत्री हो जो देश तीन सौ साल ग़ुलाम रहा !
जिस देश को अंग्रेजो ने लूट खसोट कर इस देश की बाग़डोर कोंग्रेस को सोपी थी !
1947 में देश में सुई
नही बनती थी !
सारा देश राजा रजवाड़ों के झगड़ो में बटा हुआ था
देश के मात्र पचास गाँवों में बिजली थी !
पूरे राजस्थान में मात्र बीस राजाओं के महल में फ़ोन था !
किसी गाँव में नल नही थे।
पूरे देश में मात्र दस बाँध थे ! सीमाओं पे मात्र कुछ सेनिक थे ! चार विमान थे बीस टेंक थे !
देश की सीमाएँ चारो तरफ़ से खुली थी !
खजाना ख़ाली था ऐसे बदहाल में हमारा हिंदुस्तान कोंग्रेस को मिला था !
इन साठ सालों में कोंग्रेस ने हिंदुस्तान में विश्व की सबसे बड़ी ताक़त वाली सेन्य शक्ति तैयार की
हज़ारों विमान -हज़ारो टेंक -लाखों फ़ैक्ट्रीया लाखों गाँवों में बिजली
हज़ारों बाँध लाखों किलोमीटर सड़कों का निर्माण परमाणु बम
हर हाथ में फ़ोन -हर घर में मोटर साई किल वाला मजबूत देश साठ में बना कर दिया हे कोंग्रेस ने !
भारत ने पिछले ६० सालों में तरक्की भी बहुत की है और भूतपूर्व प्रधानमंत्रियों ने कई इतिहास रच दिए हैं जिसकी वजह से भारत आज एशिया की दूसरी सब से बड़ी ताकत है।
1-भारत दुनिया का सर्व श्रेष्ठ संविधान बना चुका था...
2-भारत एशियाई खेलों की मेजबानी कर चुका था...
3- भारत में भाखड़ा और रिहंद जैसे बाँध बन चुके थे...
4- देश भामा न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर का उद्घाटन कर चुका था..
5- देश में तारापुर परमाणु बिज़ली घर शुरू हो चुका था...
6- देश में कई दर्जन AIIMS, IIT, IIMS और सैकड़ों विश्वविद्यालय खुल km चुके थे..
7- नेहरु ने नवरत्न कम्पनियाँ स्थापित कर दी थी...
8- कईसालों पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों को लाहौर के अंदर तक घुसकर मारा था और लाहौर पर कब्जा कर लिया था।
9- पंडित नेहरु पुर्तगाल से जीत कर गोवा को भारत में मिला चुके थे...
10- नेहरु जी ने ISRO (Indian Space Research Organization) की शुरुआत कर दी थी...
11- भारत में श्वेत क्रांति की शुरुआत हो चुकी थी..
12- देश में उद्योगों का जाल बिछ चुका था..
13- इंदिरा जी पाकिस्तान के दो टुकड़े कर चुकी थी, पाकिस्तान १ लाख सैनिकों और कमांडरो के साथ भारत को सरेंडर कर चुका था।
14- तब भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण हो चूका था..
15-  इंदिरा जी ने सिक्किम को देश में जोड़ लिया था....
16- देश अनाज के बारे में आत्म निर्भर हो गया था.
17- भारत हवाई जहाज और हेलीकाप्टर बनाने लगा था...
18- राजीव गाँधी ने देश के घर घर में टीवी पहुंचा दिया था।
19- देश में सुपर कम्प्यूटर, टेलीविजन और सुचना क्रांति ( Information Technology) पूरे भारत में स्थापित हो चुका था..
20- जब मोदी प्रधान मंत्री पद की शपथ ले रहे थे तब तक भारत सर्वाधिक विदेशी मुद्रा के कोष वाले प्रथम १० राष्ट्रों में शामिल हो चुका था
21- इनके अलावा..चन्द्र यान,
22- मंगल मिशन ,
23- GSLV,
24- मेट्रो,
25- मोनो रेल,
26- अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे,
27- न्यूक्लियर पनडुब्बी,
28- ढ़ेरों मिसाइल,पृथ्वी, अग्नि, नाग
29- दर्जनों परमाणु सयंत्र,
30- चेतक हेलीकाप्टर, मिग
31- तेजस, ड्रोन, अर्जुन टैंक, धनुष तोप,
32- मिसाइल युक्त विमान,
33- आई एन एस विक्रांत
विमान वाहक पोत......
ये सब उपलब्धियां देश ने मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पहले हासिल कर ली थी.....

based on a whatsapp message received.

Sunday, June 25, 2017

Modi and Amabani

मोदी का अंबानी सफ़रनामा -
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बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर आपका ध्यान खींच रहा हूँ । 02 मिनट से अधिक का समय नही लगेगा, पढ़ जरूर लीजिएगा
क्योकि बात वोट की नही देशहित से जुड़ी है।
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      प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिलायंस "JIO "  के विज्ञापन में दिखने के क्या मायने है ..देश का जनमानस यह धीरे-धीरे समझने लगा है । इलेक्ट्रानिक व प्रिंट मीडिया के बनाए तिलिस्म के भरोसे नरेंद्र मोदी और भाजपा की यह एक सोची-समझी रणनीति थी कि इस देश की जनता को जब चाहे मूर्ख बनाया जा सकता है और इसी अतिआत्मविश्वास  (over confidence) में नरेंद्र मोदी भारी गलती कर गए और अपने महिमामंडन के नशे में ये यह तक भूल गए कि उनकी प्राथमिकता लगातार घाटे में जा रहे BSNL को संभालना है ...न कि रिलायंस की 4G सिम बेचना ।
अंबानी और अडानी जैसे फिरकापरस्त उद्योगपतियों के पैसे पर अपनी राजनीति चमका कर खुद को भारत माँ का लाल बताने वाले देश के धुरंधर प्रधानमंत्री एक के बाद एक हर क्षेत्र, हर दिशा में वर्षों से कार्यरत सरकारी ढांचों और उपक्रमों को ध्वस्त कर अपनी भारत माँ को चंद उद्योगपतियों के हाथों बेचने पर आमादा है ।
टेलीकॉम सेक्टर के जानकार ये भी संभावना जताते हैं कि जल्द ही BSNL स्वयं के लिए स्पेक्ट्रम लेने की बजाय इसी रिलायंस के स्पेक्ट्रम से शेयरिंग प्राप्त करेगा । यानि कि अब BSNL का ब्रॉडबैंड और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रिलायंस से उधार लेकर चलेगीं ।
लेकिन बहुत कम लोग इस बात को जानते है कि टेलीकॉम सेक्टर पहला ऐसा सेक्टर नहीं है जिसमें मोदी सरकार ने रिलायंस के प्रति अपनी गहरी स्वामिभक्ति का परिचय दिया हो । आपको बताती चलूं कि ऐसी कई करतूतें मोदी सरकार पिछले दो साल में एक बार नहीं कई बार कर चुकी है चाहे वो डिफेन्स में FDI लागू होने पर सरकार की तरफ से लाइज़निंग करने के लिए रिलायंस को नियुक्त करना हो या फिर मोदी के PM बनने के 4 महीने के भीतर ही रिलायंस के देश भर में बंद पड़े 19 हज़ार से ज़्यादा पेट्रोल पम्प्स का खुल जाना हो ।
ऐसा ही एक जिन्दा उदाहरण आपको मिलेगा ONGC के मामले में ।
पिछले वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत सरकार के एक अति  महत्वपूर्ण उपक्रम तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC) को दो बड़े झटके देते हुए उसे इस दयनीय हाल में ला दिया है जहाँ से शायद आने वाले दस सालों के अंदर ONGC का नामोनिशान ही मिट जाएगा ।
पहले झटके के तौर पर PM मोदी ने ONGC में निजी निवेश को मंज़ूरी दे दी और इसमें निवेश किया उनके आका मुकेश अंबानी ने ।
इसमें गौर करने वाली बात यह है कि ONGC भारत सरकार के लिए एक constant profit making body था, यानि उसकी वित्तीय स्थिति में ऐसी कहीं भी कोई समस्या नहीं जिसके चलते निजी निवेश से धन जुटाने की ज़रूरत पड़े । देखते ही देखते एक पुराने और लगातार लाभ देने वाले सरकार के इस उपक्रम से बिना कुछ किए कराए भारी मुनाफा कमाने लगी रिलायंस ! और बहाना ये बनाया गया कि इससे सरकारी खजाने को एकमुश्त 1600 करोड़ रूपए मिले ।
मित्रो यह 1600 करोड़ वो रकम है जिसका एक चौथाई यानि 400 करोड़ तो PM मोदी की एक साल की सुरक्षा में खर्च हो जाता है यानि सरकार का खजाना अचानक से कुबेर का खजाना हो गया हो ऐसी भी कोई बात नहीं थी ।
PM मोदी यहीं नहीं रुके, इस मंज़ूरी के बाद उन्होंने ONGC को और बड़ा तगड़ा झटका दिया और ONGC के सबसे बड़े सप्लाई हेड्स या फिर साधारण भाषा में यूं कहे कि सबसे बड़े ग्राहक में से एक भारतीय रेलवे को डीज़ल सप्लाई करने का काम ONGC से छीनकर मोदी ने अपने आका मुकेश अम्बानी की कंपनी "रिलायंस पेट्रोलियम " को दे दिया । अब ONGC दो तरह से पीटा जा रहा है, पहला जो काम उसके पास है उसमें से कमाए हुए पैसे में भी मुकेश अंबानी का हिस्सा दे और पुराने ग्राहकों को भी एक-एक करके रिलायन्स को सौंपा जा रहा है और ज़ाहिर है इसमें ONGC को तो कोई हिस्सा मिलना नहीं है ।
अब रही बात कि ये सारी जानकरियाँ सार्वजानिक क्यों नहीं होती ।
इस समय देश में हिंदी और गैरहिन्दी भाषी लगभग 90 से ज़्यादा चैनल्स है जिन्हें 24 hour broadcast की अनुमति प्राप्त है । ये 90 से ज़्यादा चैनल्स आज से तीन साल पहले तक  39 अलग-अलग मीडिया ग्रुप्स द्वारा संचालित किए जाते थे । आपको ये जानकर यह आश्चर्य होगा कि चैनल्स की संख्या वही है लेकिन संचालन करने वाले ग्रुप्स 39 से सिर्फ 21 रह गए है ।
ऐसा इसलिए क्योंकि इन तीन सालों में network18 नामक एक मीडिया ग्रुप ने 18 ग्रुप्स को खरीद कर अधिगृहित कर लिया । और इस network18 ग्रुप के मालिक का नाम है " मुकेश अंबानी"
यानि जो न्यूज़ चैनल्स पर हर शाम आपको गाय, गोबर, गौमूत्र, लवजिहाद, ISIS, पाकिस्तान, चीन और मंदिर मस्जिद दिखाया जाता है जिसे देखकर आपका खून खौल उठता है वो कोई जोश नहीं बल्कि एक तरह का ड्रग्स है जो आपकी भावनात्मक नसों में घोला जा रहा है ताकि आप के अन्दर  अपने ही देश को लूटने वाले चंद गद्दार तथाकथित राष्ट्रवादियों और उद्योगपतियों  को देखने और देखकर प्रतिकार करने की क्षमता देश के लोगों में न रह पाए ।
यूँ समझ लीजिए ईस्ट इंडिया कंपनी-II का जन्म इस बार भारत के अंदर ही हुआ है और इसे सुरक्षा देने वाली "खाकी चड्डी" पहनी पुलिस तो है ही ।
नोट : अगर मेरी बात पर विश्वास नही हो रहा है, तो किसी ONGC और रेलवे में ऊंचे पद पर जाब करने वाले से पूंछ लीजिएगा,यकीन हो जाएगा।
देशहित में इस विषय को अधिक से अधिक अपने साथियों तक पहुचाएं